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आध्यात्मिक उन्नति और शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को दैनिक दिनचर्या में करें शामिल
- आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सिविल सर्जन कार्यालय, जीएनएम स्कूल सहित जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में योग शिविर का आयोजन
- हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इटहरी सहित जिला के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मनाया गया योग दिवस
मुंगेर-
आध्यात्मिक उन्नति और शारीरिक- मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को दैनिक दिनचर्या में करें शामिल । उक्त बात मुंगेर के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने सिविल सर्जन कार्यालय मुंगेर में योग दिवस के अवसर पर आयोजित योग शिविर का उद्घाटन करते हुए कही। उन्होंने बताया कि इस बार के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का थीम ' योगा फ़ॉर ह्यूमैनिटी ' है। इस अवसर पर सदर अस्पताल मुंगेर के अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पीएम सहाय सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि 21 जून को योग दिवस मनाने की शुरुआत केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद 21 जून 2015 से हुई थी। इस प्रकार से इस वर्ष आठवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहली बार सन 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सयुंक्त राष्ट्र संघ में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था।
उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के इस वर्तमान दौर में योग कि भूमिका काफी बढ़ गई है। शरीर को स्वस्थ्य रखने के साथ ही योग आध्यात्मिक उन्नति और तनाव मुक्त रहने में भी मदद करता है। योग सिर्फ शारीरिक अभ्यास तक ही सीमित नहीं है बल्कि योग से शरीर को माध्यम बनाकर बहुत सारी आध्यात्मिक शक्तियां प्राप्त की जा सकती हैं ।
योग को अपनाने के बाद बचा जा सकता है बहुत सी शारीरिक और मानसिक बीमारियों से :
योग शिविर में शामिल होकर योगाभ्यास करते हुए जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम समन्वयक विकास कुमार ने बताया कि नियमित योगाभ्यास करने के बाद शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है और मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के बाद किसी भी प्रकार कि बीमारी को परास्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि योग के साथ- साथ प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम, कपाल भाति और भ्रामरी के जरिये फेफड़ों को मजबूत बनाते हुए सांस संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि अनुलोम- विलोम प्राणायाम से खून साफ होता है और खून में ऑक्सीजन जन का स्तर बढ़ जाता है। इसी तरह कपाल भाति से फेफड़े ठीक से काम करते हैं और सांस संबंधी बीमारियों को दूर करने में मदद मिलती है। इसके अलावा भ्रामरी से तनाव , गुस्सा और अवसाद दूर होता है।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इटहरी सहित जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मनाया गया योग दिवस :
उन्होंने बताया कि जिला के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में योग दिवस मनाया गया। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर इटहरी की सीएचओ अर्चना कुमारी ने बताया कि यहां आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका सहित कई स्थानीय महिलाओं ने अनुलोम-विलोम प्राणायाम सहित अन्य योगाभ्यास किए। इस दौरान सभी लोगों को स्वस्थ्य रहने के लिए नियमित योगाभ्यास करने के लिए जागरूक किया गया।
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The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar