एनीमिया मुक्त भारत अभियान • एनीमिया के कारण, लक्षण एवं उपचार की जानकारी देकर स्कूली बच्चों को किया गया जागरूक

 
 -स्कूल स्तर पर हीमोग्लोबिन जाँच की हुई शुरुआत 
- अच्छी पहल • जिले के बापूजी स्मारक मध्य विद्यालय मानसी से अभियान की हुई शुरुआत 
 
खगड़िया-
एनीमिया मुक्त भारत अभियान की सफलता को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है।  अभियान को गति देने के लिए लगातार जिले में  विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से सामुदायिक स्तर पर लोगों को एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत बापूजी स्मारक मध्य विद्यालय, मानसी में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल फाउंडेशन द्वारा संबंधित विद्यालय प्रबंधन के सहयोग से हीमोग्लोबिन जाँच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूली बच्चियों की  हीमोग्लोबिन जाँच की गई ।  जाँच के पश्चात आवश्यक और जरूरी चिकित्सकीय सलाह दी गई। इसके अलावा एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही एनीमिया से प्रभावित होने पर क्या करना चाहिए, कैसे इसे दूर किया जा सकता है, आदि की जानकारी भी दी गई। इस मौके पर पिरामल फाउंडेशन के प्रभात गौतम, प्रफूल्ल झा, मो. जुनैद, राकेश कुमार, स्थानीय पीएचसी  की लैब टेक्नीशियन  विनिता कुमारी, स्कूल के एच एम अनिल कुमार, शिक्षक अरविंद कुमार, उमेश कुमार निराला, आफरीन, स्थानीय आशा कार्यकर्ता चंदा देवी आदि मौजूद थी ।  
 
- जाँच के साथ-साथ एनीमिया से बचाव के लिए जागरूक भी किया गया : 
स्कूल के हेड मास्टर  अनिल कुमार ने बताया, शिविर के दौरान जाँच के साथ-साथ एनीमिया से बचाव के लिए बच्चों को जागरूक भी किया गया। इस  दौरान एनीमिया से बचाव के लिए नियमित तौर पर हीमोग्लोबिन जाँच कराने, आयरन और फोलिक एसिड टेबलेट का सेवन करने समेत अन्य आवश्यक  जानकारी दी गई। साथ ही एनीमिया से बचाव के लिए प्रोटीन युक्त खाना का सेवन करने के लिए भी जागरूक किया गया। क्योंकि, यह बीमारी खून की कमी से होती है। इसलिए, इससे बचाव के लिए आयरन और प्रोटीन युक्त खाना का सेवन करना जरूरी है। दरअसल, शरीर में पर्याप्त आयरन रहने से इस बीमारी की संभावना ना के बराबर रहती है। 
 
- प्रोटीनयुक्त खाने के सेवन की भी दी गई जानकारी : 
पिरामल फाउंडेशन के डीपीएल प्रफूल्ल झा ने बताया, एनीमिया से बचाव के लिए प्रोटीनयुक्त भोजन की भी जानकारी दी गई। जिसमें पालक, सोयाबीन, चुकंदर, लाल मांस, मूँगफली ,मक्खन, अंडे, टमाटर, अनार, शहद, सेब, खजूर आदि प्रोटीन युक्त आहार का उपयोग करने एवं इससे होने वाले फायदे समेत अन्य  जरूरी जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। वहीं, उन्होंने बताया, एनीमिया बीमारी का शुरुआती लक्षण थकान, कमजोरी, त्वचा का पीला होना, दिल की धड़कन में बदलाव, साँस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, सीने में दर्द, हाथों और पैरों का ठंडा होना, सिरदर्द आदि होना है। ऐसा लक्षण होते ही ससमय जाँच और इलाज कराएं।  उन्होंने बताया, बारी-बारी से अन्य स्कूलों में भी जाँच शिविर का आयोजन किया जाएगा।

रिपोर्टर

  • Dr. Rajesh Kumar
    Dr. Rajesh Kumar

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